श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं |Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaun Aarti Lyrics (Hindi,English) Siyaram Pujan

shri banke bihari teri aarti gaun

Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaun shri banke bihari teri aarti gaun श्री बांके बिहारी, तेरी आरती गाऊं,हे गिरिधर, तेरी आरती गाऊं।आरती गाऊं प्यारे, आपको रिझाऊं,श्याम सुन्दर, तेरी आरती गाऊं।॥ श्री बांके बिहारी, तेरी आरती गाऊं ॥ मोर मुकुट प्यारे, शीश पे सोहे,प्यारी बंसी, मेरो मन मोहे।देख छवि बलिहारी, मैं जाऊं।॥ श्री बांके बिहारी, तेरी …

Read More

अम्बे तू है जगदम्बे काली | Ambe Tu Hai Jagdambe Kali (Maa Durga Aarti)-Lyrics (Hindi,English) Siyaram Pujan

ambe tu hai jagdambe kali lyrics

Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Ambe Tu Hai Jagdambe Kali अम्बे तू है जगदम्बे काली,जय दुर्गे खप्पर वाली ।तेरे ही गुण गाये भारती,ओ मैया हम सब उतारे, तेरी आरती ॥ तेरे भक्त जनो पर,भीर पडी है ,भारी माँ ।दानव दल पर टूट पडो,माँ करके सिंह सवारी ।सौ-सौ सिंहो से बलशाली,अष्ट भुजाओ वाली,दुष्टो को पलमे संहारती …

Read More

जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी आरती-Jai Ambe Gauri Maiya Jai Shyama Gauri Lyrics-(Hindi,English) Siyaram Pujan

Jai Ambe Gauri Maiya Jai Shyama Gauri

Jai Ambe Gauri Maiya Jai Shyama Gauri Jai Ambe Gauri Maiya Jai Shyama Gauri जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी ।तुमको निशदिन ध्यावत,हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ॐ जय अम्बे गौरी.. मांग सिंदूर विराजत,टीको मृगमद को ।उज्ज्वल से दोउ नैना,चंद्रवदन नीको ॥ॐ जय अम्बे गौरी.. कनक समान कलेवर,रक्ताम्बर राजै ।रक्तपुष्प गल माला,कंठन पर साजै ॥ॐ जय अम्बे …

Read More

ॐ जय जगदीश हरे आरती -Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics-(Hindi,English) Siyaram Pujan

Om Jai Jagdish Hare

Om Jai Jagdish Hare Om Jai Jagdish Hare ॐ जय जगदीश हरे,स्वामी जय जगदीश हरे ।भक्त जनों के संकट,दास जनों के संकट,क्षण में दूर करे,( ॐ जय जगदीश हरे…) जो ध्यावे फल पावे,दुःख बिनसे मन का,स्वामी दुःख बिनसे मन का ।सुख सम्पति घर आवे,सुख सम्पति घर आवे,कष्ट मिटे तन का ॥(ॐ जय जगदीश हरे…) मात …

Read More

श्री राम स्तुति:श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन(आरती ) Shri Ram Stuti-Siyaram Pujan [Hindi,English]

SHRI RAM STUTI

श्री राम स्तुति (Shri Ram Stuti) SHRI RAM STUTI ॥दोहा॥श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमनहरण भवभय दारुणं ।नव कंज लोचन कंज मुखकर कंज पद कंजारुणं ॥१॥ कन्दर्प अगणित अमित छविनव नील नीरद सुन्दरं ।पटपीत मानहुँ तडित रुचि शुचिनोमि जनक सुतावरं ॥२॥ भजु दीनबन्धु दिनेश दानवदैत्य वंश निकन्दनं ।रघुनन्द आनन्द कन्द कोशलचन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥ शिर मुकुट कुंडल तिलकचारु उदारु …

Read More

Call Now Button